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अक्रूर जी प्रेम, भक्ति और एकता के प्रतीक – संभल में वार्ष्णेय समाज का भव्य आयोजन

संभल: श्री वार्ष्णेय सभा (रजि.) संभल द्वारा अक्रूर जी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर श्री धर्मराज मृत्युंजय तीर्थ, सरायतरीन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में भक्ति और एकता का संदेश दिया गया।
अक्रूर जी से प्रेरणा लेने का आह्वान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखिल भारतवर्षीय श्रीवैश्य बारहसैनी युवा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विकास वार्ष्णेय ने कहा कि वार्ष्णेय समाज अब देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने के लिए अक्रूर जी से प्रेरणा लेना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अक्रूर जी महाराज का जीवन निस्वार्थ प्रेम, भक्ति और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को मथुरा लाकर धर्म की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो समाज को आज भी प्रेरित करती है।
भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का संदेश
अतिविशिष्ट अतिथि वार्ष्णेय महाविद्यालय के प्रबंधक नीरज वार्ष्णेय ने कहा कि अक्रूर जी का जन्मोत्सव समाज में एकता, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम का शुभारंभ और संबोधन

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी की महामंत्री शिल्पी गुप्ता द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात अरविंद सर्राफ, सुरेश अटल, अरविंद वार्ष्णेय (यश स्टील) सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर सभा के संरक्षक ओमवती देवी, माहेश्वरी देवी, परमानंद वार्ष्णेय, कृष्ण कुमार गुप्ता, जगत आर्य, महावीर प्रसाद, विपिन सर्राफ, विशाल आर्य, त्रिभुवन सर्राफ, पुनीत सर्राफ, सोनू कुमार गुप्ता (एडवोकेट), नवरत्न वार्ष्णेय, मनीष सर्राफ, अनुज आर्य, प्रवीण गुप्ता, विष्णु आर्य, दीपेश वार्ष्णेय, अतुल कुमार आदि ने भी अपने विचार साझा किए।
सफल आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र वार्ष्णेय (एडवोकेट) ने की तथा संचालन प्रियांजल वार्ष्णेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समाज की एकजुटता और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिसने इस आयोजन को सफल बना दिया।

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